हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , ईरानी विदेश मंत्रालय ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा अमेरिका और इज़राइल के साथ सहयोग पर तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि ये कदम क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए खतरनाक हैं।
विदेश मंत्रालय ने अमीरात की ओर से ईरान पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के झूठे आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि ईरानी सशस्त्र बलों के रक्षात्मक कदम केवल अमेरिका की शरारतों को रोकने के लिए हैं।
बयान में आगे कहा गया कि हाल के दिनों में अमेरिकी सेना के गैरकानूनी और आक्रामक कदमों के दौरान अरब अमीरात ने अमेरिका के साथ सैन्य सहयोग किया, जो पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंधों के सिद्धांत और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। इसके बावजूद ईरान ने क्षेत्र और मुस्लिम उम्माह के हित में अत्यधिक धैर्य और संयम का परिचय दिया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अमीरात द्वारा अमेरिका और इज़राइल के सैन्य अड्डों की मेजबानी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरनाक है।
यदि ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा को किसी भी प्रकार का खतरा पैदा हुआ, तो तेहरान सभी आवश्यक कदम उठाने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाएगा।
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